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| पारदर्शीता
समाज को बलवान बनाने का एक बहुत
मुख्य तत्व है (देखिये अधिकारिकरण
के तत्व ). "पारदर्शी" शब्द का
यहा अर्थ है किसी चीज़ के आरपार
देखने कि क्षमता. |
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जब
सरकारी कर्मचारी कार्य (जैसे
के निर्णय लेना, संसाधन बांटना)
मे गोपनीयता रखने कि कोशिश करते
है, अपने कार्यो को लोगो से छुपाने
कि कोशिश करते है तो वह पारदर्शी
नहि हो रहे. वह लोगो से "कुकुरमुत्ता
बरताव" कर रहे है. |
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| यह
सन्देह, उदासीनता और पार्श्वीकरण
को बढ़ावा देता है (जो गरीबी
और
समाजिक कमज़ोरी के महत्वपूर्ण
कारण है). एक समाज सेवक के तौर
पे आपका काम है पारदर्शीता को
बढावा देना. यह आप कर सकते है
लोगो को पारदर्शीता के बरे मे
समझा के, उनको याद दिला के, के
उनका हक्क और ज़िम्मेदारी है
यह जानना के क्या हो रहा है. (अभिज्ञता
बढ़ाना). |
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आप
पारदर्शीता को समाजिक संगठन
का मुख्य तत्व बना कर भी इसे बढावा
दे सकतें है. आपके देश मे "अनेक
कानून" होंगे जो आश्वस्त करते
है कि जनता यह जाने कि सरकार पैसा
कहा खर्च कर रहि है, यह सूचना
सार्वजनिक अभिलेखो मे लोगो को
उपलब्ध
होनी चाहिये. यह सूचना कि उपलब्धी
का मुख्य कारण है सरकारी पारदर्शीता,
मगर कुछ अधिकारी इस मकसद को उलटने
कि कोशिश करते है. |
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| अगर
आप कोई समस्या को छुपाने, दबाने
कि या नकारने कि कोशिश करेगें
तो आप उसके उपाय मे अड़च डाल रहें
है. |
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इससे
विप्रीत, अगर आप समस्या को सामने
लाये, उसे स्वीकारें, औरे ईमानदारी
से उस्का निरीक्षण करें तो आप
समाधान के ज़्यादा करीब होंगे.
पारदर्शीता शक्ति प्रदान करती
है. |
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