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संस्था
के प्रयोजन की पूर्त
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कार्यक्रम
- सामर्थ्य की ओर
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प्रशिक्षन
लेख .
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प्रयोजन
अनुसार कार्य करना अर्थार्थ
योजना पूर्ण करना
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| संस्था
की तैयारी के प्रारम्भिक चरणो
में दो लेख-पत्र आवश्यक है - (
अधिकारी प्रबन्ध्को द्वारा
लिखे गये) और सम्पूर्ण समाज
(के
समर्थन) के साथ --. क्रमश ये है:
(१) the CAP (सामुदायिक योजना कार्य
प्रणाली) या कार्य-क्रम, और
(२) योजना की रूपरेखा (जिसके
आधार पर संभवत योजना का प्रस्ताव
हुआ हो) |
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इन
लेख पत्रों को मार्ग दर्शक मानना
चाहिये और जब तक यह अधिकारियों
द्वारा, या फिर समाज द्वारा बद्ले
ना जाये, इन्हे ही आधार बनाकर
सब कार्य करने चाहिये-- विशेष
रूप से जब कोई विवाद हो, या सवाल
उठे कि अब क्या करना उचित है.
य़ोजना की रूपरेखा,समुदाय के
सभी कार्यक्रमों का एक अटूट
अंग होनी चाहिये. |
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याद
रहे, आपका कार्य योजना को पूरा
करना नही है,वस्तुत:आप को ऐसे
हालात बनाने है जिनसे समुदाय
खुद ही योजना पूर्ण कर सके.
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| निश्चित
कीजिये कि सभी कार्यकर्ता अपना
उत्तरदायित्व निभा रहे है; निरीक्षन
हो रहा है; अधिकारी-गण अक्सर सामुहिक
रूप से मिलते है (जहां प्रगति
की चर्चा की जाती है ) और संपूर्ण
समुदाय की बैठक होती है. बहुत
ज़रूरी है कि सभी विषयों का लिखित
प्रमाण रखा जाये, खास रूप से धन
राशि के व्यय का सही हिसाब होना
चाहिये. |
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अधिकारियों
के प्राबन्धिक योगदान का आर्थिक
मूल्य निकालने मे सहायता करना
(उनका
कितना समय लगता है बैठ्कों में,
जांच और निरीक्ष्ण में, योजनायें
बनाने में, उन्हे पूर्ण करने
में; -- और इस समयदान और प्रयत्न
का आर्थिक मूल्य क्या है) इस
सब के लिए आपको अधिकारियों के
साथ अनेक बार मिलना होगा और सम्भव
है कुछ सामुहिक बैठ्कों की भी
ज़रूरत पडे. |
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