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समाज
द्वारा पैदा करी जरुरते
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नाकि
संस्था द्वारा पैदा करी हुई
जरुरते
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शिक्षण
हन्डआउट .
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जैसे
ही प्रायोजना शुरु होती है अधिकारी
नए गुणो के बारे मे सचेत हो जाते
है
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जब
प्रायोजना चल रहि होती है तब
समाज और अधिकारी नए गुणो की जरुरतो
के बारे मे ज्यादा जानकार होंगे.
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| इन
मे से कोई गुण कारीगरी, शिल्पकारी
या तकनीकी गुण हो सकते है जैसे
के बढ़ईगीरी, चिनाई, बिजली की तारे
जोडना और दुसरे गुण जो इमारत
के निर्माण मे उपयोगी होते है.
दुसरे वित्तीय, प्रबंधन या नियोजन
के गुण हो सकते है जैसे के हिसाब
रखना, नियोजन, रपट लिखना, संचार
(बात्चीत) के गुण, संघर्ष प्रबंधन,
क्रियाओ का निरिक्षण और प्रबंधन. |
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शिक्षण
अलग-अलग तरह का सकता है: औपचारिक
या अनौपचारिक, कार्य स्थल के
लिये गुण जो अनुभवी या नौसिखिया
हो सकते है, वेतनभोगी (एपरेनटिस),
आप
द्वारा आयोजित कार्यशालाओ द्वारा
या फिर लोगो को वाणिज्यिक या
सरकार द्वारा आयोजित शिक्षण
से मिला शिक्षण. |
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| जहा
तक संभव हो कोशिश करे के अनौपचारिक
गुण शिक्षण समाज के लोगो द्वारा
प्रदान किया जाय. अनुभवी और निपुण
कारीगर जो अपनी मजदूरी समाज
के प्रायोजना मे दान करते है
वही कारीगर छोटे अकुशल युवको
को सिखा सकते है की कार्य कैसा
किये जाते है. |
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जब
आप कारिगरो को काम पे रखना चाहते
है तो कोशिश करे के इन कारिगरो
को समाज मे से ही चुने. अगर संभव
हो तो जवान अकुशल सदस्यो (पुरुष
और स्त्री युवक) को काम पर लें.
ध्यान रखें के अधिकरी हर अनौपचारिक
शिक्षण के अभिलेख रखें और उन्की
रपट दें. |
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| जब
अनौपचारिक शिक्षण संभव नहि हो
तब आप शिक्षण कार्यशालाए करेने
का प्रस्ताव रख सकते है. आपको
शिक्षण के आयव्ययक (बजट) और निधि
कहा से आयेंगी उसकी जानकारी
होना जरुरी है. |
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अगर
यह शिक्षण की जरुरते अधिकारी
पेहले से देख सके तो प्रोत्साहन
देना जरुरी है की शिक्षण प्रस्ताव
को समाज प्रायोजना की रूप-रेखा
मे शामिल करें. देखियेः कार्यशाला
की तैयारी करना. |
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| आप
लोगो को औपचारिक या संस्थागत
शिक्षण मे भेज सकते है या नहि
वह आपके आयव्ययक (बजट) और आपकी
संस्था की पोलिसी पे निर्भर
करेगा. |
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आपका
काम है यह आश्वस्त करना की शिक्षण
का अनुमोदन पुरे समाज द्वारा
हुआ है, शिक्षण के विषय समाज के
प्रायोजना के लिये उचित और जरुरी
है और यह सिर्फ आपके कोई दोस्त
को पैसे देना का तरिका नहि है.
अगर आप विषय का और शिक्षण मे कौन
भाग लेगा उस्का चुनाव पुरे समाज
की सम्मति से करें, तो कोई आप
पर या अधिकारी पर किसी के साथ
खास बर्ताव करने का शक नहि करेगा. |
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जब
प्रायोजना चल रही है, तब कोईभी
शिक्षण के लिये लोगो को या विषयो
को चुनना, जो गुण प्रदान होंगे,
जिन गुणो की जरुरत है इन सब चिजो
को पुरे समाज का समर्थन मिलना
जरुर्री है. इन सबका निरीक्षण
करना इनके रेकोर्ड रखना और रपट
मे इनको शामिल करना भी जरुरी
है.
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