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प्रशिक्षण
जिससे क्रिया (कर्मठ्ता) एवं
कुशलता का आदान प्रदान हो
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प्रशिक्षण
लेख.
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यहां
समाज के सद्स्य खुद कार्य कर
के सीखते हैं. और इस सन्दर्भ में
कार्य से तात्पर्य है योजनायें
बनाना, सही व्यवस्था करना, और
सभी ऐसे कार्य जो किसी भी सामाजिक
स्वावलम्बन योजना के लिये ज़रूरी
है, और जिनसे सदस्यों में सामर्थ्य
की भावना बढ़े.
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अब
जो कार्य सामाजिक संस्था करेगी
वह हैं
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अधिकारी
प्रबंधकों का चयन
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सामाजिक
हालातों को जांचना
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कार्य-क्रम
बनाना
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साधनों
को प्राप्त करना
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निश्चय
करना कि सभी कार्य-क्रमों का
निरीक्षण हो और
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लक्ष्य
प्राप्ति के लिये प्रभावशाली
व्यवस्था का संयोजन करना
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| क्रिया
खुद ब खुद समाज को मज़बूत नहीं
करेगी, ना ही प्रशिक्षण |
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तुम्हारा
कार्य है सामाजिक कार्य-क्रमों
का सम्मिश्रन करना -- प्रशिक्षण
और सद्स्यों के सही मार्ग-दर्शन
के साथ |
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| हर
क्षण तुम सदस्यों का मार्ग दर्शन
कर रहे हो, उन्हे जता रहे हो कि
यह सीखने का अवसर है |
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योजना
की कार्य-प्रणाली तैयार
करना पहले पहल व्यर्थ का काम
लग सकता है; किन्तु तुम्हें ही
उत्साह दिखा कर उन्हे जताना
है कि यह कितना ज़रूरी और उपयोगी
है |
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| कोई
भी सामाजिक संस्था तब मज़बूत
होती है जब उसके सदस्य कर्म
से सीखते है और जब तुम उन्हे
खुद सीखने का अवसर देते हो |
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