|
.
.
इस
अंश से परिचय.
...
विभिन्न
अंश --
-
क्रिया
प्रशिक्षण, 15k, प्रशिक्षण
के साधारण लक्ष्य से भी आगे बढ्ना
-
अधिकारी
समिति की स्थापना (CIC), 16k,
समाज अपने प्रबन्धकों को चुनता
है
-
स्तिथि
निरीक्षण (परखना), 17k, समाज
स्तिथियॊं का निरीक्षण करता
है
-
समाज
की योजना कार्य-प्रणाली तैय़ार
करना (CAP), 17k, समाज खुद ही अपना
भविष्य तय करता है
-
प्रयोजन
रूप-रेखा, 21k, प्रस्ताव, बाहरी
साधन, स्वाव्लम्बन और मदद में
संतुलन रखना;
-
व्यवस्थायों
का निरीक्षण, 18k, हमारी प्रगति
कैसी है?
-
कर्म
के लिये व्यवस्था, 15k, समाज
को कुछ करने के लिये प्रेरित
करना और
-
प्रबन्धकों
का निर्माण करना, प्रशिक्षकों
का मार्ग दर्शन.
|
..
|
संस्था
का संगठन - प्रभावशाली कार्य
की ओर
|
..
| प्राय:
सभी शिक्षक जानते हैं कि कक्षा
की पढ़ाई, लेक्चर सुनना, किताबें
पढ़ना, आदि तरीकों से जो ञान प्राप्त
होता है उससे कहीं उत्तम तरीका
है अगर विद्यार्थी सीखें खुद
अपने अनुभव से. |
. |
आपका
लक्ष्य है कि समाज की अधिकारी
संस्था सही शिक्षण और सही व्यवस्था
की मदद से और मज़बूत बने. इस भाग
में आपको दिखाया जायेगा कि कैसे
क्रिया
और प्रशिक्षण को जोड़ा जाता है. |
..
| पूरे
समाज में से आप को अधिकारियों
का चयन करना है. (देखिये प्रशिक्षण
से व्यवस्था). कई अलग नाम
दिये जा सकते हैं , जैसे CBO अधिकारी,
CIC (समाज कार्य-कर्ता समिति),
प्रयोजन
समिति, या विकास समिति. फिर इन
अधिकारियों के साथ बैठ कर एक
सम्पूर्ण सह-सम्मत निरीक्षण
किया जाता है सभी स्तिथियों
का (समस्याओं और साधनों को ध्यान
में रखते हुए)
जो समाज में मौजूद
है. |
. |
सम्पूर्ण
दिमागी-योगदान
उत्पन्न करने की विधियों का
उपयोग करते हुए, आप समिति को सिखाइये
कि योजना कार्य-प्रणाली
किस तरह तैयार की जाती है. इसके
बाद अधिकारियों को अपने निष्कर्ष
समाज के सामने प्रस्तुत करने
का सही मार्ग बतायें. फिर सबके
योगदान से, सबकी राय ध्यान में
रखते हुए, समाज इनमें में सुधार
करती है (अगर ज़रूरत मह्सूस हो
तो) और कार्य-प्रणाली को अपनी
सहमति देती है . |
..
––»«––
|