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किसी
योजना, गैर-सरकारी संगठन, विभाग
या संस्था का संचालन
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इस
भाग से परिचय (केन्द्र).
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कुछ
लेख जो अंश में
सम्मलित हैं
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सामूहिक
संचालन, 82k, अधिकारियों
को निर्णय लेने के लिये प्रेरित
करने के तरीके;
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लोगों
को साथ लेकर कर कार्य करना,,
27k, आर्थिक साधनों से भी अधिक मूल्यवान;
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सामूहिक
संचालन और सकारत्मक द्रूष्टिकोण,
20k, गलतियां हम सब से होती हैं;
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भूमिकायों
के वर्णन का उपयोग करना, 26k, सामूहिक
संचालन को बढ़ावा देना;
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सामूहिक
संचालन के लिये मिलना, 62k,
ऊब को दूर करना;
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सालाना
समीक्षा, 72k, सामूहिक
संचालन का एक साधन;
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कार्य-क्रम
तैय्यार करना, 61k, सामूहिक संचालन
का एक मुख्य साधन;
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प्रेरणा
देने के तरीके, 17k, आलोचना से
दिशा-दर्शन की ओर;
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प्रबंधकों
और समाजसेवकों के लिये कुछ सूत्र,
30k, सहयोग से कार्य करने में समानतायें.
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संचालन
अति महत्वपूर्ण है - सिर्फ़ संचालकों
पर नहीं छोड़ा जा सकता
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| इस
भाग का लक्षय है संचालन के लिये
प्रयोजन करना, खास रूप से गैर-सरकारी
संगठनों, सहायक योजनायों, विभागों,
और अन्य संस्थायों के लिये. |
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इस
भाग में कई साधन हैं जिनसे अधिकारियों
का संस्था के संचालन में सहयोग
बढ़े, इससे उत्पन्न होने वाले
लाभ, और सहयोग बढ़ाने के लिये प्रशिक्षण. |
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| इसके
मुख्य
लेख में कई कारण दिये गये हैं
जिनसे मालूम होता है कि प्रबंधक
को क्यों अपनी मीटिंग्स में
सबका सहयोग लेना चाहिये. ऐसा
करने के कई तरीके भी दिये गये
हैं. इनमें से सबसे उपयोगी शायद
है कि "आप ध्यान दें, अपने सहयोगीओं
की बातों पर" और इस तरह संवाद
का द्वार खुला रखें. |
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इनमें
कुछ तरीकों के लिये अलग विस्तृत
लेख भी हैं जिनसे इनकी चर्चा
और गहराई से की जा सके. यह हैं
संचालन मीटिंग्स,उपयोग
भूमिका-वर्णन
का,
तैय्यारी
कार्य-क्रम
बनाने
की,
सकारात्मक दृष्टिकोण,
प्रोत्साहन,
और,
सालाना
समीक्षा.एक महत्वपूर्ण सबक
यह है कि भूमिका-वर्णन का उपयोग
किस तरह किया जाता है, समीक्षा
के लिये, और आगे के कार्यों की
सहमति के लिये, जिनसे यह सामूहिक
संचालन का एक मुख्य अंग बन जाता
है, सिर्फ़ वर्णन भर नहीं रह जाता.
इसी तरह मीटिंग्स पर लेख बताता
है कि किस तरह इनका गुणात्मक
रूप बदला जा सकता है जिनसे यह
अधिक उपयोगी बन सकें. |
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इस भाग
का गहरा संबन्ध है संचालन
प्रशिक्षण अंश से, जो कि नये
लोगों का संचालन से परिचय कराता
है.
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